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কৃষি ঋণের ৩২ শতাংশই খেলাপি

Published June 29, 2026 · Updated July 21, 2026 · By Sarah Garcia - banglalight.com

Foto : Sarah Garcia - banglalight.com

कृषि ऋणों के 32% अब बके हुए हैं: डेटा और चिंताजनक रिपोर्ट

ऋण वितरण की वृद्धि और समस्याएं

Banglalight.com – ক ষ ঋণ র ৩২ শত শই - कृषि ऋणों के 32% अब बके हुए हैं, जिसे चिंताजनक रूप से लेनदारों के व्यवहार और ऋण वितरण के बढ़ते स्तर के कारण देखा गया है। इस विषय पर संबंधित रिपोर्ट में इस तथ्य को स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि गत मई में कृषि क्षेत्र में वितरित कुल ऋण की मात्रा 63,852 करोड़ रुपया थी, जिसमें से 20,130 करोड़ रुपया बके हुए हो गया। इस आंकड़े के अनुसार, कृषि ऋणों के 32% अब बके हुए हैं, जो वित्तपोषण व्यवस्था के लंबे समय से अस्थिर रहे रूप में चिंताजनक है। इस समस्या के पीछे छिपे कारण और इसके प्रभाव आगे चर्चा की जाएगी।

एक निश्चित रूप से गत वर्ष के एक ही समय पर कुल ऋण की मात्रा 58,321 करोड़ रुपया थी, जिसमें से 6,881 करोड़ रुपया बके हुए थे। इस समय ऋणों के बकाया राशि के अनुपात का अंक 11.8% था, जो वर्तमान अंक से कम है। इस प्रकार, गत अर्थवर्ष के एक ही समय पर कृषि ऋणों के 32% बके हुए होने के डेटा के साथ वितरित ऋण की मात्रा में वृद्धि का संकेत दिया गया है। इस प्रकार की वृद्धि ऋण वितरण की प्रभावी अवधारणा को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

सूत्र के अनुसार गत अर्थवर्ष में ऋण के बकाया बढ़त

गत अर्थवर्ष में बके हुए ऋण की मात्रा में वृद्धि निश्चित रूप से आओ लीग सरकार के आमले में बैंक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लुटपाट के कारण देखी गई है। इस लुटपाट के द्वारा निर्माण किए गए ऋण ही अब बके हुए हो रहे हैं, जिसे कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण के बढ़ते स्तर का आंकड़ा बताता है। इस प्रकार, कृषि ऋणों के 32% बकाया रहने के कारण कृषि विकास की अपेक्षा लेनदारों के व्यवहार और ऋण वितरण की दर पर ध्यान आकर्षित करता है।

वितरित ऋण की बढ़त गत मई में लक्ष्य मात्रा के अनुसार 1.5% कमी आई है। हालांकि, पिछले अर्थवर्ष के जुल