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‘হাওর অঞ্চলের জন্য আগাম জাতের ধান উদ্ভাবনের কাজ চলছে’

हाओर क्षेत्रों के लिए आगामी जाति के धान के विकास कार्य चल रहे हैं

হ ওর অঞ চল র জন য – कृषि मंत्री मोहम्मद अमीन उर रशिद ने शनिवार को चट्टग्राम सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में बताया कि हाओर क्षेत्रों के लिए आगामी जाति के धान के विकास कार्य अग्रिम चल रहे हैं। इस बैठक में मৎस्य विभाग, प्राणिसम्पद विभाग और कृषि मंत्रालय के कर्मचारियों के साथ चर्चा की गई।

मंत्री ने कहा कि देश में धान उत्पादन के लिए जमीन की मात्रा आबादी के अनुपात में बहुत कम है। हालांकि, हमारा धान उत्पादन दिन-दिन बढ़ रहा है। लेकिन धान के उत्पादन में कमी के पीछे अन्य कारण भी हैं।

देश में कई हाओर क्षेत्र हैं, जो धान उत्पादन के लिए उपयुक्त होते हैं। लेकिन जब धान कटाई के समय आता है, तब बरसात आने से इन क्षेत्रों में नुकसान हो जाता है। आमीन उर रशिद ने कहा कि इस बार भी हम ऐसा देखे हैं।

हम ऐसे धान के जाति के विकास में लगे हुए हैं, जिसके द्वारा 10 दिन पहले ही धान कटाई करना संभव हो जाएगा। ऐसे धान के उत्पादन में वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि इलिश के उत्पादन में वृद्धि के लिए आबादी लोग जाटका इलिश न धरे इसके लिए मৎस्य जीवियों के लिए बड़ी मात्रा में सहयोग किया गया है। इसके अलावा दीर्घ समय तक पोना मछली धरने से बचाव के लिए दीर्घ मेयोर योजनाएं चल रही हैं।

मंत्री ने बताया कि इलिश की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ रही है। दुसरे राष्ट्र के लोग भी इलिश खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम इलिश को एक अनूठा उत्पादन प्रणाली बना दें तो वैश्विक बाजार में इसका विपणन संभव हो जाएगा।

मंत्री ने नदी क्षेत्रों में नावी विकास के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि अब तक कई प्रकल्प चल रहे हैं और भविष्य में बड़े प्रोजेक्ट के निर्माण के बारे में निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि नदी में अनेक चर बन गए हैं, जिनके लिए कोस्टगार्ड के बल को बढ़ाने के बारे में निर्णय लिया गया है।

कृषि उत्पादन के विपणन के लिए प्रस्तुति

कृषि मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर धान के विपणन के लिए मिनी कूल्ड स्टोरेज के निर्माण की योजना बनाई गई है। एक-दो संघ एक साथ एक कूल्ड स्टोरेज बनाने में सक्षम होंगे। इससे किसानों के परिवहन खर्च कम हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसान जब एक सिस्टम में पड़ जाएंगे, तब बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन के दौरान विपणनकर्ता अटॉमेटिकली धान खरीद लेंगे। इसके अलावा एक इलाका या पूरा संघ के धान के एक साथ खरीदे जाने की योजना भी बनाई गई है।

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